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राजस्थान का एकीकरण (Rajasthan Ka Ekikaran)

राजस्थान का एकीकरण (Rajasthan Ka Ekikaran) - 15 अगस्त 1947 ईस्वी को जब भारत आजाद हुआ तो उस समय भारत में 565 रियासतें थी जिनमें से 562 रियासतों का विलय कर दिया गया। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय राजस्थान में कुल 19 रियासते हैं तथा 3 ठिकाने तथा अजमेर - मेरवाड़ा अंग्रेजों के अधीन होने के कारण एक केंद्र शासित प्रदेश था।

राजस्थान में प्रजामण्डल आंदोलन (Rajasthan Me Prajamandal Andolan)

-प्रजामंडल आंदोलन के दौरान माणिक्य लाल वर्मा की पुस्तिका मेवाड़ में वर्तमान शासन बिकती है। -24 अप्रैल 1938 को बलवंत सिंह मेहता के घर मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना होती है। -इसका अध्यक्ष बलवंत सिंह मेहता को बनाया जाता है और मंत्री माणिक्य लाल वर्मा को बनाया जाता है। जो इस का संस्थापक भी था। -मई 1938 में मेवाड़ प्रजामंडल पर रोक लग जाती है। प्रजामंडल का सदस्य भूरेलाल बंया को गिरफ्तार कर लिया जाता है। -सन् 1939 में मेवाड़ प्रजामंडल के नेता सत्याग्रह करते हैं।

राजस्थान में जनजाति आन्दोलन (Rajasthan me Janjati Andolan)

मोतीलाल तेजावत का जन्म सन् 1886 में कोल्यारी गांव, उदयपुर के ओसवाल परिवार में होता है। इन्हें झाडोल ठिकाने का कामदार नियुक्त किया था। 1921 में मातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़) से आंदोलन की शुरुआत होती है। मोतीलाल तेजावत ने भीलों की मांगों का 21 सूत्री मांग पत्र तैयार करके मेवाड़ के महाराणा के समक्ष प्रस्तुत किया। इसे मेवाड़ पुकार कहा जाता है। भील मोतीलाल तेजावत को बावजी कहते थे। तेजावत को आदिवासियों का मसीहा कहा जाता है।

राजस्थान में किसान आन्दोलन (Rajasthan Me Kisan Andolan)

उत्तर भारत में सशस्त्र क्रांति की जिम्मेदारी भूप सिंह (बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश) और गोपाल सिंह खरवा (अजमेर) को दी जाती है। दोनों को कैद करके टॉडगढ़ जेल अजमेर में रखा जाता है जहां से भूप सिंह फरार हो जाता है और मेवाड़ पहुंचता है और अपना नाम बदलकर विजय सिंह पथिक रख लेता है।

राजस्थान में स्वतंत्रता संग्राम: 1857 की क्रान्ति (1857 ki kranti)

पश्चिम बंगाल की बैरकपुर छावनी में स्थित 34 वी नेटिव इन्फेंट्री के सैनिक मंगल पांडे पर दबाव डाला जाता है कि वह एनफील्ड राइफल को चलाएं। दबाव डालने पर मंगल पांडे 29 मार्च 1857 को अंग्रेज अधिकारी ह्यूरसन और बाग की हत्या कर देता है।

राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएं (Rajasthan ki Prachin Sabhyataye)

भारत कीसबसे प्राचीन सभ्यता सिंधु / हड़प्पा सभ्यता है। सर्वप्रथम 1826 ई. में हड़प्पा का उल्लेख चार्ल्स मेंशन द्वारा किया गया है। सिंधु सभ्यता का उत्खनन सर्वप्रथम 1920 ईस्वी में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित हड़प्पा जिले में रवी नदी के किनारे दयाराम साहनी एवं माधव स्वरूप ने करवाया। यहां से सुनियोजित नगर निर्माण के अवशेष प्राप्त हुए थे। अतः इसी जगह के नाम से इसे हड़प्पा सभ्यता कहा गया। सिंधु घाटी सभ्यता को ही हम प्रथम नगरीय एवं कांस्य युगीन सभ्यता भी कहते हैं।

राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत (Rajasthan Itihas ke Pramukh Srot)

राजस्थान के लिए सर्वप्रथम राजपूतायहना शब्द का प्रयोग जॉर्ज थॉमस ने 1800 ईस्वी में किया था। जॉर्ज थॉमस सर्वप्रथम 1758 ई. में राजस्थान के शेखावाटी प्रदेश में आया तथा इसकी मृत्यु बीकानेर में हुई थी। राजस्थान शब्द का सबसे प्राचीनतम लिखित प्रमाण बसंतगढ़ (सिरोही) में स्थित सीमल माता/खीमल माता के मंदिर में उत्कीर्ण विक्रम संवत 682 के शिलालेख में मिलता है। जिसमें राजस्थानीयादित्य शब्द उत्कीर्ण है।
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